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Chennai चेन्नई: एमडीएमके के महासचिव वैको ने 93 वर्षीय विचारक और दार्शनिक इमरान हबीब पर कथित हमले की कड़ी निंदा की है। वैको ने कहा कि सामाजिक न्याय और तर्कवाद के पक्षधर हबीब पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के हॉल में एक बैठक को संबोधित करते समय हमला किया गया, जो बेहद चिंताजनक और निंदनीय है।
वैको ने अपने बयान में कहा कि हबीब जैसे वरिष्ठ बुद्धिजीवी पर हिंसा लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि “कट्टरपंथी हिंदुत्ववादी ताकतों” द्वारा यह हमला किया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। वैको ने कहा कि किसी भी विचारधारा से असहमति का जवाब हिंसा नहीं हो सकता और शैक्षणिक परिसरों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए।
एमडीएमके नेता ने केंद्र और संबंधित एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश के विश्वविद्यालय विचार-विमर्श और बौद्धिक बहस के केंद्र हैं, जहां इस प्रकार की घटनाएं असहिष्णुता को बढ़ावा देती हैं। वैको ने हबीब के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना भी की।
घटना को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अब तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है। यह घटना एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा, सहिष्णुता और संवाद की संस्कृति को लेकर बहस को तेज कर सकती है। विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाओं के बीच सभी की नजरें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
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